Web Webdunia.com शैफाली
Webdunia Portal |  Greetings |  Classifieds |  E-mail |  Take A Tour |  Font Download |  Feedback
X
Welcome, Guest  [ Portal's List |  Create Portal |  Sign In ]

औरत की किस्मत ईश्वर उल्टे हाथ से लिखता है, जो लकीर सीधी पड़ जाए वही ग़नीमत है......अमृता प्रीतम और पढ़ें...

हाल की प्रविष्टियाँ
प्रतिसाद
 नेविगेट करें
मई 2008
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
      1   2   3 
  4   5   6   7   8   9  10 
 11  12  13  14  15  16  17 
 18  19  20  21  22  23  24 
 25  26  27  28  29  30  31 
अप्रैल  |  आज  |  जून
 श्रेणियाँ
RSS feed मेरी दुनिया(7)
RSS feed सवालों की दुनिया(1)
RSS feed अमृता और ओशो(14)
RSS feed अधूरी कहानियाँ(15)
RSS feed दो दुनिया(35)
RSS feed मेरा कोना(16)
RSS feed तीसरी दुनिया(2)
RSS feed बातें कुछ अनकही सी(21)
RSS feed प्रेम, प्रतीक्षा, ...(9)
RSS feed जीवन के रंगमंच ...(10)
RSS feed सपनों की दुनिया(4)
RSS feed मेरी पसंद(7)
आपकी राय
क्या खली के माध्यम से भारत में डब्ल्यूडब्ल्यूई का प्रचार किया जा रहा है?
हाँ नहीं पता नहीं

वेबदुनिया बहस
पोखरण-2 की वर्षगाँठ पर कोई सरकारी आयोजन न होना क्या दर्शाता है?

जादू की पुड़िया

जीवन में सबसे महत्वपूर्ण
आपके लिए जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है और क्यों? परिवार पैसा दोस्त प्यार
आत्ममिलन
http://shaifaly.mywe...
Last Frustration
http://shaifaly.mywe...
दो दुनिया
दो दुनिया के बीच की बैचेनी को सुकून तक पहुँचाने वाले हर उस लफ्ज़ की मैं कर्ज़दार हूँ जो तुम्हारे लबों से शिकायत बनकर निकले......
Only For Ladies….
http://shaifaly.mywe...
उसकी खामोशी
उसकी खामोशी में भी एक चीख सुनाई दे रही थी काजल भी उसकी आँखों से झाँकती परेशानियाँ नहीं छुपा पाया सबकुछ होने पर भी किसी के जाने का अनजाना खौफ़ न जाने क्‍या चाहता है उसका छोटा-सा दिल किसी ने मुझे यह चार पंक्तियाँ लिखकर दी, और कहा जिसे ...
संवादों के पुल पर
संवादों के पुल पर खड़े थे हम दोनों और नीचे खामोशी की नदी बह रही थी न जाने कौन-सा शब्द बहुत भारी हो गया कि जब चलने को हुए तो पुल टूट गया....
मैंने तुम्हें पाया ऐसे
मैंने तुम्हें पाया ऐसे जैसे रात ने ख्वाब को सुबह होने से पहले ही चाँद को लौटा दिया हो मैंने तुम्हें पाया ऐसे जैसे कल रात चाँद के घर से सूरज तुम्हें ले आया हो और मैं सुबह खिड़की खोलना भूल गया
वॉलपेपर से जानिए व्यक्तित्व
http://hindi.webduni...
सुंदरता का सपना
बहुत अजीब सा ख्वाब था वो, कहीं दूर पहाड़ों पर, सफेद फूलों के बीच सुंदरता मुस्कुरा रही थी, सूरत में ताज़गी और सीरत में पवित्रता की लौ झिलमिला रही थी। मैं ज्यों-ज्यों उसकी तरफ बढ़ती वो हँसते हुए मुझसे दूर भाग रही थी। जब तक मेरे और सुंदरता के बीच में दूरी थी ...
• तुम और मैं
http://shaifaly.mywe...