
वफ़ा तो अंतर्मन के खिल जाने की महक का नाम होता है, लेकिन दुनियावालों ने इसे इतने छोटे अर्थों वाला बना दिया कि यह सिर्फ फ़तवों के लिए रह गया| सुख बस्ती हिप्पोक्रेसी का माथा सिर्फ तेवरों से वाक़िफ़ होता है, माथे की कोई लौ उसका नसीब नहीं बनती.......कटु ...
आगे पढ़ें...