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  श्रेणियाँ > मेरी पसंद  (7)

• • तुम और मैं

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• • स्पर्श

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• आखिरी अलविदा

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• सबसे बड़ी कविता

शब्दों की दुनिया

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• अतीत

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• धरती सागर और सीपियाँ

अमृता प्रीतम के उपन्यास “धरती सागर और सीपियाँ” से

ताकत, जब इंसान अपने भीतर से पाता है, तो उसे इस तरह प्यार करता है जैसे कोई अपनी महबूबा को प्यार करता है। पर जब अपने भीतर से पाने की जगह दुनिया से पाता है, तो उसे इस तरह प्यार करता है जैसे कोई किसी वेश्या को प्यार करता है। कोई रिश्ता शरीर पर पहने हुए कपड़े ...   और पढ़ें...
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• समपूरन सिंह गुलज़ार

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१.मां ने जिस चांद सी दुल्हन की दुआ दी थी मुझेआज की रात वह फ़ुटपाथ से देखा मैंनेरात भर रोटी नज़र आया है वो चांद मुझे२.सारा दिन बैठा,मैं हाथ में लेकर खा़ली कासा(भिक्षापात्र)रात जो गुज़री,चांद की कौड़ी डाल गई उसमेंसूदखो़र सूरज कल मुझसे ये भी ले ...   और पढ़ें...
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