मेरी दो दुनिया के अलावा एक दुनिया और दिखाई दी मुझे ...उन लोगों की जो मेरी कविताओं और कहानियों से निकल कर मुझसे मिलने आते है और फिर एक नई कहानी के पात्र बन जाते हैं....
shaifaly Sharma द्वारा 12 अप्रैल, 2008 1:43:00 PM IST पर पोस्टेड
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उसकी खामोशी में भी एक चीख सुनाई दे रही थीकाजल भी उसकी आँखों से झाँकती परेशानियाँ नहीं छुपा पायासबकुछ होने पर भी किसी के जाने का अनजाना खौफ़न जाने क्या चाहता है उसका छोटा-सा दिलकिसी ने मुझे यह चार पंक्तियाँ लिखकर दी, और कहा जिसे देखकर यह लिखी है, उसके मन ... और पढ़ें...
shaifaly Sharma द्वारा 3 मार्च, 2008 5:32:00 PM IST पर पोस्टेड
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उसकी बातों ने दिल में सवालों का जंगल खड़ा कर दिया था, रातभर उस जंगल में जवाबों के लिए रास्ता तलाशती रही। उसे कभी देखा नहीं लेकिन फिर भी उसकी मासूमियत मेरे ज़हन में चेहरा ढूँढती रही। जब तक उससे नेट पर बात करती रही उसे मैं एक बड़ी उम्र की महिला समझती रही, जो ... और पढ़ें...