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  श्रेणियाँ > मेरी दुनिया  (7)

मेरा परिवार ही मेरी दुनिया है..............जो इसके बाहर है वो सिर्फ एक सपना है और किसी ने सच कहा है कि सपने कभी सच नहीं हुआ करते.....

• जादू की पुड़िया

श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• एक गीत बच्चों के लिए

Taare Zameen Par Lyrics

पहला गीत जो पहली बार में ही सम्मोहित कर गया.....   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• मेरी रसोई से

एक गैस स्टव, चार बर्तन, कुछ सब्जियाँ और मसाले.........इतना ही काफी होता है शायद कोई भी डिश बनाने के लिए...नहीं? यदि हाँ तो फिर माँ के हाथों में ऐसा क्या जादू है, जो हॉटेल के शेफ के हाथों में नहीं? हॉस्टेल में रहनेवाले स्टूडेंट्स को अपने टिफिन के बजाय ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• सब्जी रोटी की लड़ाई

ओ रोटी की मम्मी जरा इधर तो आओ, इस सब्जी की बेटी को कुछ समझाओ जरा सा नमक जरा सी मिर्च में ही इतराने लग जाती है कुछ ज्यादा पड़ जाए तो फेंकने में ही तो जाती है। कभी ये जलती कभी ये भुनती कभी तो कच्ची ही रह जाती है। भूख लगी हो तो घी-शक्कर वाली रोटी ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• मेरी बेटी की कविताएँ

टूटा तारा

एक दिन तारा टूटकर गिरा मेरी छत पर मैं छत पर सो रहा था तारा मेरे उपर वह डर गया कहने लगा रोकर मैं डर गया हूं मुझे मेरे घर पहुँचा दो हां मैं पहुंचा दुंगा पर करने होंगे काम दो पहला चान्द को करो गुदगुदी दूसरा रोते बच्चों को देनी होगी खुशी कृमेशा   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• एक तारा

तारा-तारा इधर तो आओ सबको अपना चेहरा दिखलाओ सब बच्चे तुमको देखकर खुश होंगे तुम भी उन्हें देखकर खुश हो जाओ ओहो! मैं नहीं आ सकता हूँ क्योंकि मैं आसमान में हूँ तुम ही मेरे पास आकर मुझको खुश कर जाओ! - कृमेशा शर्मा (कक्षा- तीसरी, उम्र-8 वर्ष)   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी दुनिया
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• घर की दीवारें

घर की दीवारों पर बच्चों ने कुछ लकीरें बनाई हैं, और मन की दीवारों पर ईच्छाओं ने। घर की दीवारो पर कोई चेहरा नहीं उभरता, सिर्फ जीवन के सबसे मासूम पल अपना वजूद छोड़ जाते हैं। मन की दीवारों पर कई चेहरें उभर आते हैं, ख़्वाहिशें और हसरतें भी अपना रंग भर जाते ...   और पढ़ें...
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