मेरी दुनिया (17)
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मेरा परिवार ही मेरी दुनिया है..............जो इसके बाहर है वो सिर्फ एक सपना है और किसी ने सच कहा है कि यदि आप पूरी शिद्दत से कोई सपना देखते हैं तो उसको पूरा कराने के लिए पूरी कायनात जुट जाती है... |
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सपनों की दुनिया (6)
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कहते हैं सपनों का रिश्ता हक़ीकत से उतना ही गहरा है जितना रात का दिन से,
कुछ सपने भूल जाते हैं, कुछ याद रह जाते हैं
जो याद रह गए उसे यहाँ रख दिया... |
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पत्र नायिका के नाम (5)
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हर एक के मन में कुछ सवाल होते हैं जो हमेशा हमारे अंदर कुलबुलाते रहते हैं, आपके मन में भी कोई सवाल हो तो बेझिझक पूछिए........ |
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दो दुनिया (36)
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हर इनसान अपने अंदर दो दुनिया जीता है, एक जो सबको दिखाई देती है, दूसरी जहाँ वह छुपा रहता है.......... |
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तीसरी दुनिया (4)
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मेरी दो दुनिया के अलावा एक दुनिया और दिखाई दी मुझे ...उन लोगों की जो मेरी कविताओं और कहानियों से निकल कर मुझसे मिलने आते है और फिर एक नई कहानी के पात्र बन जाते हैं.... |
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बातें कुछ अनकही सी (30)
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जो बातें हम किसी से कह नहीं पाते, और कहे बिना रह नहीं पाते उन बातों के लिए यहाँ जगह बनाई है.............. |
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अधूरी कहानियाँ (16)
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एक लेखक के लिए उसकी अधूरी कहानियाँ और एक कवि के लिए उसकी अधूरी कविताएँ सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वहाँ एक लेखक की हार होती है लेकिन भावनाओं की जीत... ऐसी ही कुछ अधूरी कहानियाँ और कविताएँ इसमें रहेंगी जिसके पात्र आज भी मेरे ज़हन में ज़िंदा है, लेकिन कहानी मर चुकी है। |
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