
लोगों के घर में रहता हूँ कब अपना कोई घर होगा दीवारों की चिंता रहती है दीवार में कब कोई दर होगा सब्जी मंडी बाप का घर पुलबंगश पे मामा का श्याम नगर में चाचा का चौक पे अपनी श्यामा का मायके और ससुराल के आगे और भी कोई घर होगा लोगों के घर में रहता हूँ... इच्छाओं ...
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