
मेरी हथेलियों को छूकर कोई लफ्ज़ तेरे कानों में पड़ा हो तो उसे अपने होठों पर सजा लेनाआज की रात एक बिरहा का गीततेरे दर पर आएगा उसे वो लफ्ज़ लौटा देनाकल रात मेरे आँगन से गुज़रा था वो गीत और मेरे हाथों में अपना एक लफ्ज़ छोड गया थाआज की रात उसे पूरा कर ...
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