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दुनिया मुझसे चलती है



























उनके पास जीवन है, विज्ञान है, ताकत भी है
उनके पास जोश है, ज्ञान है, नफरत भी है
उनके पास प्यार है और परमात्मा भी है
उनके पास पानी है और आग भी है
उनके पास निर्जीव, सजीव दोनों दुनिया है
मेरे पास सिर्फ एक देह, एक आत्मा और कुछ संवेदनाएँ हैं

फिर भी वो नहीं जानते ये दुनिया कैसे चलती है
और मैं कहती हूँ मैं इश्क हूँ और दुनिया मुझसे चलती है.....


प्रतिक्रियाएँ

दुनिया मुझसे चलती है
ठीक कहा आपने दुनिया वाकई इश्क़ से ही चलती है
Re: दुनिया मुझसे चलती है
सही है. शायद यही एक जज़्बा है जो चला रहा है इस दुनियाँ को. इश्क ही रूह है.
Re: दुनिया मुझसे चलती है
फिर भी वो नहीं जानते ये दुनिया कैसे चलती है और मैं कहती हूँ मैं इश्क हूँ और दुनिया मुझसे चलती है..... सही कहा आपने.. *** राजीव रंजन प्रसाद
Re: दुनिया मुझसे चलती है
बहुत खूब, क्या कहने, सचमुच, ऐसा ही है। यकीनन...यकीनन...
Re: दुनिया मुझसे चलती है
नही दुनिया चलती है बुलंद हौसलें से.. खुद ही को कर बुलंद इतना की हर तदबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है... अगर हौसला नही तो इश्क भी आसां नही होता
Re: दुनिया मुझसे चलती है
doniya chalte hai paryawarn se manusya sa aur duniya chalane wale eswar se
Re: दुनिया मुझसे चलती है
बेहतर होगा अगर सारे काफिर इसे समझे... मोक्ष
अस्वीकरण