लोड हो रहा है...
रात एक ख्वाब देखा कि मैं जो कुछ भी छू रही हूँ सब पिघल रहा है..........दिन भर के किस्सों को याद करती रही ताकि उस सपने का कारण खोज सकूँ....फिर याद आया सुबह तुमसे हाथ मिलाया था..............
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