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मन्नत




एक बार फिर
मैं लौट आई हूँ
देह समेत,
और रूह का एक
कोना फाड़ कर
इश्क के दरख़्त पर
बाँध दिया है,
मन्नत पूरी होने के इंतज़ार में.....


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

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प्रतिक्रियाएँ

Re: मन्नत
ढूंढ्ने से खुशियों की राहें नहीं मिलतीं माँगनें से मन की मुरादें नहीं खिलतीं
Re: मन्नत
आमीन!!
Re: मन्नत
आपकी मन्‍नत आपके हाथों की मुटठी में ही कैद है....कल आपने हाथ बड़ाकर देखा ही नहीं।
Re: मन्नत
“Your birthday is a special time to celebrate the gift of 'you' to the world.” Happy Birthday Ma...
Re: मन्नत
उम्र के साथ दरख्त भी सूख रहे है लौट के तो आना ही होगा ... इंतज़ार ... इंतज़ार ... और ...इंतज़ार के लिये...मोक्ष
अस्वीकरण