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2 अप्रैल, 2008


ब्लॉग्स (1)
ये जो मेरी आँखों से बह रही हैवो मेरी दिवानगी नहींतुम ने जिस उफान को रोक रखा हैउसकी दरार से रिसता हुआ पानी है आगे पढ़ें...