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1 अप्रैल, 2008


ब्लॉग्स (3)


तुम्हें दिया था मैंने वो हककि तुम कह सको वह बात जो मुझे शिकायत लगती है और तुम्हें बैचेनी बजाय इसके कि हम साथ रहकर देते रहें झूठी मुस्कुराहटेंया सच्ची खामोशी आँखों में अजनबियत और हाथों में उदास स्पर्श लिएलौटने से अच्छा है तुम कह दो वो बात जो मुझे शिकायत ... आगे पढ़ें...