मुझे पूरा करने के लिए.....
एक बार मुझ पर अपनी परछाई पड़ जाने दो
एक जो खाली-सा एहसास है उसे भर जाने दो
जिसका धुँआ भी खोजता है ठीकाना
मुझे उस धुप बत्ती की तरह जल जाने दो
उँगलियों की सरसराहट
ख़्वाहिशों का बहक जाना,
देह की सुगंध का आत्मा को छू जाना
तेरे नाम से जुड़ना
और खुद को भी भूल जाना
बस यही कुछ बाते हैं
जो कहना चाहती हूँ ......
थोड़ा-सा वक़्त.........चलो रहने दो......
इन बातों को आँखों से बह जाने दो
चंद लम्हों का है किस्सा
कोई जीवनभर की दास्तां नहीं
बस इनको नज़र भर देखकर
जीवन से जुड़ जाने दो
मुझे पूरा करने के लिए....
एक बार मुझ पर अपनी परछाई पड़ जाने दो......
श्रेणियाँ: प्रेम, प्रतीक्षा, ...
2008
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