Web Webdunia.com शैफाली
Webdunia Portal |  Greetings |  Classifieds |  E-mail |  Take A Tour |  Font Download |  Feedback
X
Welcome, Guest  [ Portal's List |  Create Portal |  Sign In ]

11 मार्च, 2008

 

• एक घटना

-अमृता प्रीतम

तेरी यादेंबहुत दिन बीतेजलावतन हुईंजीतीं हैं या मर गयीं-कुछ पता नहींसिर्फ एक बार एक घटना हुई थीख्यालों की रात बड़ी गहरी थीऔर इतनी स्तब्ध थीकि पत्ता भी हिलेतो बरसों के कान चौंक जाते..फिर तीन बार लगाजैसे कोई छाती का द्वार खटखटायेऔर दबे पांव छत पर चढ़ता कोईऔर ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
186 views. 3.67 rating from 3 votes.