Web Webdunia.com शैफाली
Webdunia Portal |  Greetings |  Classifieds |  E-mail |  Take A Tour |  Font Download |  Feedback
X
Welcome, Guest  [ Portal's List |  Create Portal |  Sign In ]

मार्च 2008

 

• अमृता-इमरोज़ के प्रेम पत्र से.....

किसी तारीख़ को

अपनी एक दोस्त के लिए एक किताब खरीदने गई थी। चाहे जितनी किताबे छान लूँ, नज़रे दो ही जगह होती है या तो ओशो या अमृता प्रीतम। कई दोस्त टोक चुके हैं- दुनिया में और भी बहुत कुछ है पढ़ने के लिए, अब निकलो इन दोनों से। मैं बस कह देती हूँ- खुद से निकल कर कहाँ ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
328 views. 4.6 rating from 22 votes.

• स्पर्श

वो उष्मा थी या ऊर्जा नहीं जानता बस एक स्पर्श से मैंने ख़्वाहिशों को जलते देखा है एक आग जो राख नहीं करती मैंने दिल के पत्थर को कुंदन में बदलते देखा हैवो हँसती है तो सूखी नदी भी उन्मादित होकर बह उठती हैवो उदास थी........ मैंने समन्दर को सिकुड़ते देखा हैवो छू ...   और पढ़ें...
353 views. 4.13 rating from 9 votes.

• खालीपन

जब पुकार घर की दीवारों से टकराकर लौट आएजब दोस्त कही हुई बात भूल जाएजब मंदिर की घंटियाँ शोर मचाएऔर टीवी के सामने बच्चे खामोश हो जाए..... जब मन की हलचल शब्दों में उलझ जाए, जब विचारों का धागा टूट जाए जब अपनी कही बात भी समझ न आएऔर सड़के कार और बसों के नीचे दब ...   और पढ़ें...
146 views. 3.0 rating from 2 votes.

• मुझे पूरा करने के लिए.....

मुझे पूरा करने के लिए.....एक बार मुझ पर अपनी परछाई पड़ जाने दोएक जो खाली-सा एहसास है उसे भर जाने दोजिसका धुँआ भी खोजता है ठीकानामुझे उस धुप बत्ती की तरह जल जाने दो उँगलियों की सरसराहटख़्वाहिशों का बहक जाना, देह की सुगंध का आत्मा को छू जाना तेरे नाम से जुड़ना ...   और पढ़ें...
127 views. 3.68 rating from 6 votes.

• आखिरी अलविदा

आखिरी अलविदा से पहले कह दूँ इक बार कि जो रास्ता मुझ तक आता है वो सिर्फ इकतरफा होता है मेरे लिए जहाँ से होकर में गुजरती हूँ अलग-अलग किस्सों से बँटोरती हूँ कुछ अधूरी-सी ख़्वाहिशें, अधूरे-से ख़्वाब, और उन्हीं रास्तों पर बो देती हूँ कुछ यादें, कुछ बातें जहाँ ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अधूरी कहानियाँ
टैग्स:
343 views. 3.3 rating from 7 votes.

• जीवन में सबसे महत्वपूर्ण

सवालों की दुनिया

आपके लिए जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है और क्यों? परिवारपैसादोस्त प्यार   और पढ़ें...
टैग्स:
239 views. 3.02 rating from 10 votes.

• अब सैफ भी है “रेस” में

आशिक आवारा में रोमांटिक हीरो के रोल बाद जिसके कॅरियर की गाड़ी बैलगाड़ी की तरह चल रही थी, अपने से बड़ी उम्र की महिला से शादी के बाद जिसने अक्षय कुमार के साथ जोड़ी बनाकर मैं अनाड़ी तू खिलाड़ी जैसी फिल्मों में सहायक हीरो के रूप में काम किया उसके बारे में कभी किसी ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरा कोना
136 views. 3.76 rating from 4 votes.

• सबसे बड़ी कविता

शब्दों की दुनिया

कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनसे हमारा अलग ही लगाव होता है। आप जब कलम उठाते हैं, वे शब्द पहले से ही मुँह बांये खड़े हो जाते है। विषय जो भी हो उन शब्दों को आपने सभी विषयों में हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया होता है। आज मैं आपसे उन्हीं शब्दों को उधार माँगने आई ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरा कोना
159 views. 1.0 rating from 1 votes.

• वो दिनभर ढूँढती रही ठिकाना

वो दिनभर ढूँढती रही ठिकाना मेरी बातों की सरज़मीं परऔर मैं उसे खामोशी की बाँहों में लिए भटकता रहा कि कुछ हर्फ किसी राह से मिल जाए और मैं बता सकूँ कि मेरा इश्क वो नहीं जो तुम्हारी बाँहों से फिसलकर लबों पर अटका रहे उसे मैंने जलते अँगारों पर रखा है जिसमें ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: दो दुनिया
189 views. 4.21 rating from 5 votes.

• शाम होते होते

उस रोज़ शाम होते होते बैचेनी ने अजीब रूप अख़्तियार कर लिया था उँगलियाँ की-बॉर्ड पर चल रही थीं बातें मन की सतह पर मॉनीटर पर अक्षरों के बदले दिखाई देने लगी थीं उलझने बार-बार डिलिट करने पर भी यादें उन्हीं बातों पर आकर बैठ रही थींजिन्हें मन की गहराई में जाने की ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: दो दुनिया
224 views. 4.33 rating from 10 votes.

• एक घटना

-अमृता प्रीतम

तेरी यादेंबहुत दिन बीतेजलावतन हुईंजीतीं हैं या मर गयीं-कुछ पता नहींसिर्फ एक बार एक घटना हुई थीख्यालों की रात बड़ी गहरी थीऔर इतनी स्तब्ध थीकि पत्ता भी हिलेतो बरसों के कान चौंक जाते..फिर तीन बार लगाजैसे कोई छाती का द्वार खटखटायेऔर दबे पांव छत पर चढ़ता कोईऔर ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
187 views. 3.67 rating from 3 votes.

• “मैं तुम्हें फिर मिलूँगी”

अमृता प्रीतम

I will meet you yet againHow and Where?I know notPerhaps I will become afigment of your imaginationand maybe spreading myselfin a mysterious lineon your canvasI will keep gazing at youPerhaps I will become a rayof sunshine to beembraced by your coloursI ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
347 views. 4.52 rating from 8 votes.

• इबादत

कुछ संकेत खुदा की तरफ से थे कुछ रूह को छूती हुई आवाज़ें थी कुछ खलाओं से टकराकर लौट आई पुकारें कुछ मन को भेदती हुई तलबऐसे ही पलों में तुझे देखाइश्क में सराबोर मैं उलझा हुआ हूँ मन के भीतर से निकलते दोराहे में, जो एक तुझ तक जाता है दूजा उस खुदा तक.....जानते ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: दो दुनिया
191 views. 4.63 rating from 10 votes.

• आत्ममिलन

मेरी सेज हाजिर हैपर जूते और कमीज की तरहतू अपना बदन भी उतार देउधर मूढ़े पर रख देकोई खास बात नहींबस अपने अपने देश का रिवाज है……-अमृता प्रीतम   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
204 views. 4.39 rating from 8 votes.

• हादसा

बरसों की आरी हंस रही थीघटनाओं के दाँत नुकीले थेअकस्मात एक पाया टूट गयाआसमान की चौकी पर सेशीशे का सूरज फिसल गयाआँखों में कंकड़ छितरा गयेऔर नजर जख्मी हो गयीकुछ दिखायी नहीं देतादुनिया शायद अब भी बसती है-अमृता प्रीतम   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
119 views. 4.18 rating from 6 votes.

• याद

आज सूरज ने कुछ घबरा कररोशनी की एक खिड़की खोलीबादल की एक खिड़की बंद कीऔर अंधेरे की सीढियाँ उतर गया….आसमान की भवों परजाने क्यों पसीना आ गयासितारों के बटन खोल करउसने चाँद का कुर्ता उतार दिया….मैं दिल के एक कोने में बैठी हूँतुम्हारी याद इस तरह आयीजैसे गीली लकड़ी ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
119 views. 3.51 rating from 6 votes.

• एक मुलाकात

मैं चुप शान्त और अडोल खड़ी थीसिर्फ पास बहते समुन्द्र में तूफान था……फिर समुन्द्र को खुदा जानेक्या ख्याल आयाउसने तूफान की एक पोटली सी बांधीमेरे हाथों में थमाईऔर हंस कर कुछ दूर हो गया हैरान थी….पर उसका चमत्कार ले लियापता था कि इस प्रकार की घटनाकभी सदियों में ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
140 views. 4.01 rating from 4 votes.

• ख्वाब जो पूरा होगा

उसकी बाँहों से फिसलकर कोई ख्वाब लबों पर उलझ गया मैं रूह से कसक उठने का इंतज़ार करती रही वो सजदे में कह गयाकोई एक ख्वाब जो पूरा न हुआ हो कभीमुझसे कहना, मैं अपनी हक़ीकत लूटा दूँगा……………   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: दो दुनिया
141 views. 3.51 rating from 4 votes.

• प्रेम, प्रतीक्षा, प्रणय और परमात्मा

मेरे दोस्तों से तुम्हें कोई शिकायत नहीं? अब नहीं पहले तो हुआ करती थी हाँ जब तुम सिर्फ दोस्त थीऔर अब?कुछ भी नहीं मतलब, तुम्हें मुझसे प्यार नहीं हुआ करता था, अब नहीं और जो शादी का वादा? वो हम करेंगे जब तुम्हें प्यार नहीं तो शादी क्यों करोगे क्योंकि अब मैं ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: अमृता और ओशो
टैग्स:
205 views. 4.3 rating from 11 votes.

• सिर्फ एक औरत

तुम सच की धरातल पर खड़े किसी महात्मा की मूरत की तरह जिसको लोग नमस्कार कर आगे बढ जाते हैं एक और झूठ बोलने के लिए, मैं कल्पना के आसमान में उड़ती अदनी-सी चिड़िया। तुम सच के विकृत रूप को नीडरता से स्वीकार करने वाले रोशनी से भरपूर दिन मैं सपने के सच हो जाने के डर ...   और पढ़ें...
270 views. 1.0 rating from 1 votes.

• संवाद जो बाकी है....

उसकी बातों ने दिल में सवालों का जंगल खड़ा कर दिया था, रातभर उस जंगल में जवाबों के लिए रास्ता तलाशती रही। उसे कभी देखा नहीं लेकिन फिर भी उसकी मासूमियत मेरे ज़हन में चेहरा ढूँढती रही। जब तक उससे नेट पर बात करती रही उसे मैं एक बड़ी उम्र की महिला समझती रही, जो ...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: तीसरी दुनिया
टैग्स:
177 views. 4.58 rating from 9 votes.