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अर्ज़ किया है...




चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी


सतही हो जाता है,
जब दिन भीड़ में गुज़र जाता है,
मैं तेरी गहराई को नाप सकूँ
काश वो तन्हाई मेरे साथ होती!!

-शैफाली

प्रतिक्रियाएँ

Re: अर्ज़ किया है...
THNX.... :)
Re: अर्ज़ किया है...
मैं तेरी गहराई को नाप सकूँ ............... बहुत सुंदर अभिव्यक्ति विक्रम
अस्वीकरण