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21 फ़रवरी, 2008


ब्लॉग्स (2)
ऑफिस की पार्किंग पर खड़े होकर कहता रहा मुझसे........ समय हो तो सब कुछ है वर्ना किसे फुर्सत है कि सोचे कि कभी प्यार भी हुआ करता था इन आँखों में अब तो सिर्फ चश्मा चढ़ा रहता हैऔर उँगलियाँ की-बोर्ड पर अटकी रहती है... हाँ कभी कम्प्यूटर हैंग हो जाता हैतो याद आ ... और पढ़ें...

सतही हो जाता है, जब दिन भीड़ में गुज़र जाता है, मैं तेरी गहराई को नाप सकूँ काश वो तन्हाई मेरे साथ होती!! -शैफाली और पढ़ें...