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28 जनवरी, 2008


ब्लॉग्स (1)
मैं एक रूह देह के लिबास में जीवन के शो रूम में सजाया हुआजिसका लिबास जितना सुंदर उतनी ज्यादा उसकी कीमत जो जितना आम फैशन से अलग उतना यूनिक मैं एक लिबास रूह को पहनाया हुआ जो जितने कम लिबास में उतना ज्यादा कॉंट्रोवर्शियल लिबास जितना पारदर्शी आत्मा उतनी ... आगे पढ़ें...