ले चलो............
एक ऐसी जगह
जहाँ मुझे दिखाई न दे
भूख के पैबंद वाला मखमली जिस्म,
ले चलो.............
एक ऐसी जगह
जहाँ सच कड़वा न हो,
झूठ की मिठास से न आती हो उबकाई
ले चलो..........
एक ऐसी जगह जहाँ ख़्वाब महकते हो
लेकिन हक़ीकत से न आती हो दुर्गंध
ले चलो...............
एक ऐसी जगह
जहाँ बचपन कभी बड़ा न हो
और यौवन कभी न मुरझाए
ले चलो......................
एक ऐसी जगह
जहाँ प्रेम की बगिया चाहे न हो
लेकिन नफरत की एक कली भी न खिलने पाए
ले चलो.......................
एक ऐसी जगह
जहाँ मेरे मैं का विस्तार
हमारे हम में सीमट जाए
ले चलो........

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