वो जिद करती रही मैं खुश हूँ, तो खुशी को परिभाषित करूँ, मैं कहने ही वाली थी कि मेरी आँखें भर आई। मन प्रसन्न रहता है, तो शब्द चैन की नींद सो जाते हैं। ये बात मैं उसे नहीं समझा सकती थी। मेरी आँखों के आँसूं से वह मेरे खुश या उदास रहने का अनुमान लगाती रही। ...
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